Monthly Archives

September 2023

हृदय शूल का उपचार (Treatment Of Heart Colic)

Treatment Of Heart Colic 5 ग्राम मिश्री को गाय के दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करने से हृदय शूल ठीक हो जाता है। हृदयशूल को नष्ट करने के लिए नागार्जुनभ्र रस अत्यंत प्रभावशाली औषधि है। अभ्रक भस्म को अर्जुन की छाल के काढ़े में सात बार भाप…
Read More...

बदहजमी का इलाज (Treatment Of Indigestion)

Treatment Of Indigestion पानी के साथ वचा और नमक का सेवन करने से उल्टी के कारण होने वाली बदहजमी से बचाव होता है।धनिये और सोंठ के काढ़े से बदहजमी ठीक हो जाती है। सुबह-शाम क्वाइ पीने से अग्नि उत्पन्न होती है और मूत्र विसर्जन में लाभ होता…
Read More...

अपेंडिसाइटिस का इलाज (Treatment Of Appendicitis)

अपेंडिसाइटिस का इलाजआरोग्यवर्दिनी रस दो गोली और त्रिफला गुग्गल गोली खरल में पीसकर पानी के साथ एक बार सुबह और एक बार शाम को दें। प्रतिदिन भोजन के बाद रोगी को 15 से 25 मिलीलीटर पुनर्नवारिष्ट और दशमूलारिष्ट को समान मात्रा में पानी में…
Read More...

गठिया का इलाज (Rheumatism)

अधिकतर यह रोग भोजन को साफ-सफाई से न पकाने के कारण फैलता है। अस्वास्थ्यकर भोजन या दूषित पेयजल के सेवन से 'फूड पॉइजनिंग' होती है और जहर शरीर में फैल जाता है। रोगी को पेट में मरोड़ और दस्त की समस्या हो जाती है। जी मिचलाने लगता है और बुखार…
Read More...

पागलपन का इलाज (Treatment of madness or insanity )

पागलपन या पागलपन का इलाज – यदि उन्माद, भजन रस, वात और पितृ उन्माद के कारण रोगी शारीरिक रूप से कमजोर हो गया हो तो भांगरे के रस और शहद के साथ इसका सेवन करें। एक सप्ताह तक इसका सेवन करने के बाद रोगी को रेचक औषधि दी जा सकती है। रोगी को…
Read More...

उल्टी का इलाज (Treatment Of Vomiting)

इस बीमारी के कई कारण हो सकते हैं जैसे अधिक खाना, शराब पीना, फूड पॉइजनिंग, पेट में संक्रमण या तेज खांसी आदि। इसमें रोगी को बार-बार उल्टी होती है। उल्टी का इलाज इस रोग में सब्जियों का सूप और आलूबुखारा बहुत फायदेमंद होता है। अनार का जूस…
Read More...

शरीर में ऐंठन (Treatment Of Body Cramps)

यह रोग शारीरिक शक्ति से अधिक काम करने, रूखा-सूखा भोजन करने तथा कुछ हानिकारक औषधियों का सेवन करने से आक्रमण करता है। यदि कोई मांसपेशी या मांसपेशी समूह अनायास सिकुड़ जाए और उसमें दर्द होने लगे तो इस स्थिति को ऐंठन कहते हैं। शरीर में…
Read More...

उपदंश का उपचार (Treatment Of Syphilis)

Treatment Of Syphilis उपदंश का उपचार त्रिफला के रस को पानी में मिलाकर लिंग और योनि को साफ करने से उपदंश में लाभ होता है।रक्त विकार में मंजिष्ठादि क्वाथ के साथ 2 ग्राम गंधक रसायन सुबह-शाम सेवन करने से रक्त उपदंश नष्ट हो जाता है।…
Read More...

तुलसी के पौधे के गुण (Properties of Tulsi plant)

तुलसी एक औषधीय पौधा है जो विटामिन और खनिजों से भरपूर है। सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है क्योंकि मानव जाति के लिए इससे अधिक उपयोगी कोई औषधि नहीं है। तुलसी के…
Read More...

एक्जिमा का इलाज (Treatment Of Eczema)

खुजली इस रोग में त्वचा पर अपने आप फफोले निकल आते हैं। आयुर्वेद में इसे विचर्चिका कहा जाता है। एक्जिमा मुख्यतः दो प्रकार का होता है- सूखा और गीला। सूखे एक्जिमा में कोई स्राव नहीं होता है, जबकि गीले एक्जिमा में चकत्ते या छाले से पानी जैसा…
Read More...