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कमर दर्द
कमर दर्द
low back pain for examination and treatment

पीठ दर्द के कारण और उपचार

कमर दर्द का मुख्य कारण तंतुओं की सूजन (फाइब्रोसिस) है। कमर दर्द लंबे समय तक दर्द और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों में तेज ऐंठन के कारण होता है।

रोगी को एक गिलास गर्म दूध में अरंडी का तेल मिलाकर देना चाहिए। इसके गंभीर प्रभावों से बचने के लिए कच्चे तेल की जगह रिफाइंड अरंडी के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।

कमर दर्द के रोगी के लिए चावल की तुलना में गेहूं, बाजरा और जौ अधिक उपयोगी हैं। इसलिए इन अनाजों का सेवन अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में करना चाहिए। खट्टे, ताजे तले हुए खाद्य पदार्थ और दालों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। प्रसारिणी के रस को तिल के साथ मिलाकर और एक विशेष विधि के अनुसार पकाकर औषधीय तेल तैयार किया जाता है। दर्द वाले स्थान पर लगाने से यह लाभकारी होता है।

एक चम्मच शहद और एक चौथाई चम्मच काली मिर्च के चूर्ण को प्रसारिणी के साथ मिलाकर लगभग एक महीने तक सेवन करना चाहिए।

पीठ दर्द के कारण:

पीठ दर्द कई कारणों से हो सकता है, जो निम्नलिखित हैं:

  1. मांसपेशियों या लिगामेंट का खिंचाव: भारी वजन उठाने, अचानक से मुड़ने या खराब मुद्रा से मांसपेशियों या लिगामेंट का खिंचाव हो सकता है।
  2. डिस्क की समस्याएँ: रीढ़ की हड्डी के बीच की डिस्क में समस्या, जैसे कि स्लिप डिस्क या हर्नियेटेड डिस्क, पीठ दर्द का कारण बन सकती है।
  3. आर्थराइटिस: ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसे रोग, जो रीढ़ की हड्डी के जोड़ को प्रभावित करते हैं, पीठ दर्द का कारण हो सकते हैं।
  4. ऑस्टियोपोरोसिस: हड्डियों की घनत्व में कमी के कारण हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं और आसानी से टूट सकती हैं, जिससे पीठ दर्द हो सकता है।
  5. स्कोलियोसिस: रीढ़ की हड्डी का असामान्य वक्र, जो जन्म से या उम्र के साथ हो सकता है।
  6. गर्भावस्था: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में हार्मोनल बदलाव और वजन बढ़ने से पीठ दर्द हो सकता है।
  7. खराब मुद्रा: लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठने या खड़े रहने से पीठ दर्द हो सकता है।
  8. मोटापा: अधिक वजन होने से पीठ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है।
  9. भावनात्मक तनाव: मानसिक तनाव और चिंता भी मांसपेशियों में खिंचाव और पीठ दर्द का कारण बन सकते हैं।

पीठ दर्द का उपचार:

पीठ दर्द के उपचार के कई उपाय हैं, जो दर्द की गंभीरता और कारण पर निर्भर करते हैं:

  1. आराम और आरामदायक स्थिति: आराम करने और अपनी स्थिति को सही करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द कम हो सकता है।
  2. ठंडा और गर्म सेक:
  • ठंडा सेक: चोट के तुरंत बाद ठंडा सेक लगाने से सूजन कम हो सकती है।
  • गर्म सेक: पुराने दर्द के लिए गर्म सेक का उपयोग करें, जिससे रक्त संचार बढ़ता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है।
  1. दवाएं:
  • पेनकिलर: जैसे कि इबुप्रोफेन या एसिटामिनोफेन, दर्द और सूजन को कम कर सकते हैं।
  • मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाएं: मांसपेशियों के खिंचाव को कम करने के लिए।
  1. भौतिक चिकित्सा (Physiotherapy):
  • फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा दिए गए व्यायाम और तकनीकों का पालन करें, जिससे मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाया जा सके।
  1. मालिश और एरोमाथेरेपी:
  • पीठ की मालिश से मांसपेशियों को आराम मिलता है और तनाव कम होता है।
  1. एक्यूपंक्चर:
  • यह एक पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति है जिसमें शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर सुई लगाई जाती है।
  1. योग और स्ट्रेचिंग:
  • योग और नियमित स्ट्रेचिंग से मांसपेशियों की लचीलापन और शक्ति बढ़ती है और पीठ दर्द कम होता है।
  1. सर्जरी:
  • गंभीर मामलों में, जैसे कि हर्नियेटेड डिस्क, सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। यह अंतिम विकल्प के रूप में ही उपयोग किया जाता है।
  1. जीवनशैली में बदलाव:
  • नियमित व्यायाम और स्वस्थ वजन बनाए रखना।
  • सही मुद्रा में बैठना और खड़ा होना।
  • भारी वजन उठाते समय सही तकनीक का उपयोग करना।

रोकथाम:

  1. सही मुद्रा: हमेशा सही मुद्रा में बैठें और खड़े रहें।
  2. वजन नियंत्रण: स्वस्थ वजन बनाए रखें।
  3. नियमित व्यायाम: नियमित व्यायाम करें, विशेषकर पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम।
  4. भारी वजन उठाते समय सावधानी: भारी वजन उठाने के दौरान सही तकनीक का उपयोग करें।
  5. आरामदायक फर्नीचर का उपयोग: ऐसे फर्नीचर का उपयोग करें जो आपकी पीठ को सही समर्थन दे।

पीठ दर्द के मामलों में उचित उपचार और रोकथाम के उपाय अपनाकर जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है। अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे या गंभीर हो जाए, तो चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।

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