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dog bite

कुत्ते के काटने का विष से सबसे पहले खतरा घाव के संक्रमण का रहता है। जहां तक बात रेबीज वायरस की है तो यह संक्रमित जानवर के लार के घाव के साथ सीधे संपर्क के माध्यम से फैलता है। रेबीज संक्रमण के लक्षण फ्लू के समान हो सकते हैं, जिसमें कमजोरी या बेचैनी, बुखार या सिरदर्द की समस्या होती है।

रेबीज संक्रमण: कुत्ते के काटने का विष उपचार

  • प्याज का रस और शहद मिलाकर पागल कुत्ते के काटने पर पड़े घाव पर लगाने से विष उतर जाता है।
  • यदि कुत्ते ने काट लिया हो तो लाल मिर्च पीसकर तुरंत घाव में भर दें। इससे उसका विष जल जाता है, घाव पकता नहीं और जल्दी ठीक हो जाता हैं
  • हींग को पानी में पीसकर पागल कुत्ते के काटे हुए स्थान पर लगाने से उसका विष खत्म हो जाता है।
hing
हींग
  • 1 जंगली चौलाई की जड़ 125 ग्राम पीस लें और उसे पानी के साथ रोगी को बार-बार जर्बदस्ती पिलाएं, यह अनुभूत प्रयोग है दादी इससे कुत्ते के काटने पर पागल हुए रोगी को बचाया जा सकता है।

कुत्ते के काटने के कारण होने वाले विष (रैबीज) के लक्षण और उपचार का विवरण निम्नलिखित है:

कुत्ते के काटने के विष (रैबीज) के लक्षण:

रैबीज एक गंभीर वायरल संक्रमण है जो संक्रमित जानवर के काटने के माध्यम से फैलता है। कुत्ते के काटने के बाद रैबीज के लक्षण कुछ सप्ताह या महीनों बाद प्रकट हो सकते हैं। इसके लक्षणों में शामिल हैं:

  1. प्रारंभिक लक्षण:
  • बुखार और सिरदर्द
  • कमजोरी और थकान
  • काटे गए स्थान पर दर्द, खुजली या जलन
  1. प्रगति के लक्षण:
  • बेचैनी, चिंता और घबराहट
  • उल्टी और मतली
  • मांसपेशियों में ऐंठन और अनियंत्रित हरकतें
  • नींद न आना (अनिद्रा)
  • जल से डरना (हाइड्रोफोबिया) और हवा से डरना (एयरोफोबिया)
  • भ्रम और आक्रामकता
  • लकवा (पैरालिसिस)
  • चेतना का नुकसान और कोमा

कुत्ते के काटने का उपचार:

रैबीज का संक्रमण एक मेडिकल इमरजेंसी है और तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है। कुत्ते के काटने के बाद निम्नलिखित उपचार प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए:

  1. घाव की सफाई:
  • काटे गए स्थान को साबुन और पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह से धोएं।
  • एंटीसेप्टिक लगाएं, जैसे कि पोविडोन-आयोडीन।
  1. चिकित्सक से परामर्श:
  • तुरंत चिकित्सक से मिलें। कुत्ते के काटने के बाद जितनी जल्दी हो सके चिकित्सक से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
  1. रैबीज टीकाकरण (पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस – PEP):
  • रैबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (RIG): काटे गए स्थान के आसपास इंजेक्ट किया जाता है।
  • रैबीज वैक्सीन: टीकाकरण की श्रृंखला शुरू की जाती है, जिसमें एक निश्चित अंतराल पर कई खुराक दी जाती हैं (आमतौर पर 0, 3, 7, और 14वें दिन)।
  1. एंटीटेटनस टीकाकरण:
  • अगर पिछले 5-10 वर्षों में टेटनस का टीका नहीं लगा है, तो टेटनस टीका भी दिया जा सकता है।
  1. एंटीबायोटिक्स:
  • संक्रमण को रोकने के लिए चिकित्सक एंटीबायोटिक्स भी लिख सकते हैं।

रोकथाम:

  1. पालतू कुत्तों का टीकाकरण: सुनिश्चित करें कि आपके पालतू कुत्तों को नियमित रूप से रैबीज का टीका लगाया गया हो।
  2. अजनबी और जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखें: अजनबी और जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखें, विशेषकर बच्चों को।
  3. जानवरों के व्यवहार पर ध्यान दें: अगर कोई जानवर असामान्य व्यवहार कर रहा है, जैसे कि आक्रामकता, जल से डरना, या असामान्य हरकतें, तो उससे दूर रहें और स्थानीय पशु नियंत्रण अधिकारियों को सूचित करें।

कुत्ते के काटने के बाद त्वरित और सही उपचार से रैबीज जैसे गंभीर संक्रमण को रोका जा सकता है। यदि किसी को कुत्ते ने काटा है, तो उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करनी चाहिए।

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